छत्तीसगढ़

धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार: 2.68 लाख मीट्रिक टन से अधिक उपज की खरीदी

Shantanu Roy
29 Dec 2025 7:14 PM IST
धान खरीदी ने पकड़ी रफ्तार: 2.68 लाख मीट्रिक टन से अधिक उपज की खरीदी
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Durg. दुर्ग। राज्य सरकार की पारदर्शी, सुचारू और किसान हितैषी नीतियों का सकारात्मक असर दुर्ग जिले में साफ नजर आ रहा है। जिले में धान खरीदी की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है और किसान सरकारी व्यवस्था से संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। धान विक्रय की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए निर्णायक सुधारों से किसानों को बड़ा लाभ मिला है। विशेष रूप से “तुंहर टोकन” मोबाइल एप के माध्यम से 24 घंटे टोकन जारी करने की सुविधा ने किसानों की परेशानियों को काफी हद तक कम कर दिया है। अब किसानों को धान बेचने के लिए टोकन काटने हेतु किसी निर्धारित समय का इंतजार नहीं करना पड़ता। दिन-रात किसी भी समय मोबाइल एप के माध्यम से टोकन प्राप्त कर किसान निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंच रहे हैं। धान बेचने के बाद त्वरित और ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था से किसानों में भरोसा बढ़ा है। समय पर राशि मिलने से किसान न केवल संतुष्ट हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत हुआ है।

जिले में अब तक 2,68,901.52 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिस पर लगभग 63,749.45 लाख रुपये की लागत आई है। इस प्रक्रिया से 50,718 किसान लाभान्वित हुए हैं। किसानों को अब तक 58,163.09 लाख रुपये का भुगतान सीधे उनके खातों में ऑनलाइन माध्यम से किया गया है। उपज का वाजिब मूल्य मिलने से किसानों में खुशी और संतोष का माहौल है। धान खरीदी के साथ-साथ उपार्जन केंद्रों से धान के उठाव में भी तेजी आई है। अब तक 88,936.60 मीट्रिक टन धान के लिए डीओ/टीओ जारी किए जा चुके हैं, जबकि 65,765.98 मीट्रिक टन धान का वास्तविक उठाव हो चुका है। धान के समय पर उठाव से उपार्जन केंद्रों में जगह उपलब्ध हो रही है, जिससे अन्य किसानों को भी समय पर धान बेचने का अवसर मिल रहा है।

सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का एक और सकारात्मक परिणाम यह सामने आया है कि किसान स्वयं रकबा समर्पण कर बिचौलियों पर रोक लगाने में सहयोग कर रहे हैं। जिले में धान बेच चुके 25,932 लघु किसानों ने अब तक 501.86 हेक्टेयर रकबा समर्पण किया है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि धान की खरीदी वास्तविक किसानों से ही हो और किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। जिला प्रशासन द्वारा उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा के लिए समुचित इंतजाम किए गए हैं। बारदाने की कोई कमी नहीं है और वर्तमान में उपार्जन केंद्रों में 38,20,547 बारदाने उपलब्ध हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों के समन्वय से धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित की जा रही है। कुल मिलाकर दुर्ग जिले में धान खरीदी व्यवस्था किसानों के लिए लाभकारी साबित हो रही है और सरकार की नीतियों पर किसानों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
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